ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव ने वित्तीय दुनिया को हिला दिया। बाजार गिरे, सोना-चांदी चमके, तेल महंगा। होर्मुज स्ट्रेट का चौथा दिन अवरोध- 20 फीसदी ऊर्जा का गला घोंटता। खाड़ी हवाईअड्डे ठप, दुबई-दोहा बंद, उड़ानें रद्द।
बाजार में हिचकोले जारी रहने की चिंता। यूबीएस का मानना- ऊर्जा बाधा छोटी। मार्क हेफेले के नोट में कहा गया कि तेल ढांचा सुरक्षित तो दाम स्थिर होंगे। भू-राजनीतिक झटके आमतौर पर फीके पड़ जाते।
घबराहट में पोर्टफोलियो सिकुड़ाना गलत साबित हुआ। सलाह- दूरदृष्टि अपनाएं, इक्विटी में जमे रहें, डिप में फैलाव बढ़ाएं।
तनाव शेयरों को दबाएगा, लेकिन 2026 तक 10 प्रतिशत लाभ अमेरिकी मजबूती, कमाई व खर्च से। यूरोप-जापान-चीन-उभरते बाजार चमकेंगे। एशिया-पैसिफिक में चीन टेक, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान लीडर।
कमोडिटी बाजार 2026 में गर्माएंगे, सोना-चांदी आगे। सक्रिय प्रबंधन फायदेमंद। सोने में छोटा निवेश बचाव देगा। बॉन्ड व हेज स्थिरता लाएंगे।
तेल से महंगाई पर दरें संभलेंगी। दामों का बोझ कर जैसा, लेकिन बाजार संभाल लेंगे। क्षणिक तेजी विकास प्रभावित नहीं करेगी।