सोमवार को व्हाइट हाउस से जारी ट्रंप का 2026 व्यापार प्लान घोषणा करता है कि ‘अमेरिका फिर खड़ा हो गया।’ टैरिफ वृद्धि, कानूनी सख्ती और बड़े समझौतों पर दोबारा बातचीत के वादों से भरा यह एजेंडा ऐतिहासिक व्यापार घाटे पर प्रहार करता है।
ग्लोबलाइजेशन ने 50 लाख नौकरियां छीन लीं, 70,000 कारखाने ठप, घाटा 40% बढ़ा। व्यापार को सुरक्षा का केंद्र मानते हुए आत्मनिर्भर उत्पादन पर जोर: फैक्टरियां, खेती से समृद्धि, इनोवेशन, बचाव।
टैरिफ सफलता: 2025 में चीन घाटा 32% कम, शीर्ष स्थान खिसका। मासिक घाटा घटा। एआरटी से निर्यात 3.4 ट्रिलियन डॉलर (6.2% ऊपर), पूंजी वस्तुएं 9.9% तेज।
आंकड़े बोलते हैं। 2026 फोकस: एआरटी विस्तार, प्रवर्तन, चेन सुरक्षित, यूएसएमसीए जांच, चीन संतुलन, अंतरराष्ट्रीय प्रचार।
एआरटी सौदे आठ देशों से; भारत (99% औद्योगिक टैरिफ मुक्त), जापान, कोरिया, ईयू (100%) समेत ढांचे। पारस्परिकता बरकरार।
चीन का डब्ल्यूटीओ दौर नुकसानदेह, अब बराबरी पर—बुसान मीटिंग शुरुआत। हेगसेथ: युद्धस्तरीय उद्योग, खनिज गठबंधन।
यूएसएमसीए 2026 समीक्षा में सशर्त नया रूप। लिंकन स्टाइल में पुनर्विचार, आर्थिक चुनौतियों से जूझते अमेरिका को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।