पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल-ईरान के सैन्य टकराव ने हवाई क्षेत्र को जाम कर दिया। दुनिया भर की एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा, 700 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल, बाकियों को घुमावदार रास्ते अपनाने पड़े।
मुख्य हवाई कॉरिडोर पर इमरजेंसी प्रतिबंधों से एयरलाइंस फ्लाइट्स रोकने या रूट बदलने को विवश। छोटे सुरक्षा उपाय अब गंभीर संकट बन चुके, वैश्विक उड़ान संचालन प्रभावित।
ट्रांजिट के लिए अहम वेस्ट एशिया के आकाश या बंद या नियंत्रित। ईरान-इजरायल के एयरस्पेस सीमित, हवाई आवागमन न्यूनतम।
गल्फ के दुबई-अबू धाबी-दोहा हब रुके, देरी एशिया-यूरोप-अमेरिका रूट्स तक। मिडिल ईस्ट शॉर्टकट पर निर्भर उड़ानें बुरी तरह फंसीं।
गल्फ पर निर्भरता से भारतीय एयरलाइंस सबसे ज्यादा मारीं। इंडिगो ने 1-3 मार्च में 350+ कैंसल—166, 162, 43—दैनिक ऑपरेशन का 7-8%।
एयर इंडिया समूह ने सुरक्षा सलाह पर गल्फ रूट्स रोके या बदले। एमिरेट्स जैसी गल्फ एयरलाइंस कटौती, लुफ्थांसा शेड्यूल परिवर्तन।
परिक्रामी रूट्स से समय, ईंधन, खर्च चढ़ा। कोविडोत्तर रिकवरी में उद्योग पर अतिरिक्त बोझ। शांति प्रयास जरूरी वरना लंबा ठहराव।