एएआईबी ने शनिवार को बारामती विमान दुर्घटना की अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की, जो 28 जनवरी को अजित पवार और चार अन्य की मौत का कारण बनी। दस्तावेज प्रारंभिक चरण के आंकड़ों पर टिका है, जिसमें बदलाव संभव हैं और जल्दबाजी के निष्कर्ष प्रतिबंधित।
अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप, जांच का लक्ष्य दुर्घटनाओं की रोकथाम है। पायलटों को बारामती की भौगोलिक स्थिति पता थी, उनके रिकॉर्ड में वीआईपी फ्लाइट्स और ऐसे ही एयरफील्ड्स पर उड़ानें दर्ज हैं।
विमानन पैरामेडिक ने प्री-फ्लाइट श्वास परीक्षण किया, जो वीडियो व दस्तावेजों से नेगेटिव सिद्ध हुआ। हालांकि, मौसम में दृश्यता 3,000 मीटर रही, वीएफआर मानक 5,000 मीटर से नीचे।
सुरक्षा सुझावों में छोटे एयरफील्ड्स पर कड़ी जांच, लाइसेंस समीक्षा और मौसम-लैंडिंग व्यवस्थाओं में सुधार शामिल। सीवीआर विश्लेषण बाकी है, जिसमें यूएस एनटीएसबी सहयोग करेगा।
हादसे ने क्षेत्रीय विमानन सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है, सुधारात्मक कदमों की अपेक्षा बढ़ी।