प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह ‘प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त के जरिए विकसित भारत’ थीम वाले पोस्ट-बजट वेबिनार में मुख्य वक्ता होंगे। वर्चुअल मोड में होने वाला यह आयोजन 2026-27 बजट की चर्चा श्रृंखला का शुभारंभ करेगा।
सार्वजनिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग क्षेत्र में बदलाव, वित्तीय प्रबंधन, शेयर बाजार की मजबूती और करों से आम आदमी को राहत जैसे विषयों पर बहस होगी। विभिन्न क्षेत्रों के हितधारक मिलकर बजट घोषणाओं के बेहतर अमल पर रणनीति बनाएंगे।
पिछले बजटों के सबकों और सुझावों से कार्यान्वयन को परिणामदायक बनाने का प्रयास है। 12.2 लाख करोड़ के कैपेक्स से राजमार्ग, बंदरगाह, रेल और बिजली परियोजनाएं तेज होंगी। इंफ्रा रिस्क फंड नई गति देगा।
वित्त मंत्री ने सात क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट, एमएसएमई सशक्तिकरण और निर्यात-निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो स्थिरता और विकास का संतुलन दर्शाता है।
पीएम मोदी के विचारों से बजट को वास्तविकता में बदलने की प्रक्रिया मजबूत होगी, भारत की आर्थिक उड़ान को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।