सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ा सरप्राइज पेश किया है। गुरुवार को जारी सर्कुलर से एक्टिव इक्विटी स्कीमों को सोने व चांदी में निवेश की छूट मिल गई। यह बदलाव फंड्स की पहुंच व सुरक्षा को मजबूत करेगा।
इक्विटी फंड्स की संरचना में इक्विटी न्यूनतम 80 प्रतिशत (लार्जकैप उदाहरण) होता है। बाकी को अब सोने-चांदी साधन, लिक्विड एसेट्स व इनविट्स में डाला जा सकेगा। सेबी का उद्देश्य पोर्टफोलियो को और लचीला बनाना है।
रिटायरमेंट व चाइल्ड सॉल्यूशन स्कीम्स खत्म, उनकी जगह लाइफ साइकिल फंड्स। 5-30 साल की तय अवधि वाले ये फंड इक्विटी से डेट की ओर बढ़ेंगे, जिसमें रीइट्स, कमोडिटी डेरिवेटिव्स व गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ शामिल। उच्च निकास शुल्क अनुशासन सिखाएगा।
फंड हाउस को 12 एक्टिव इक्विटी-हाइब्रिड स्कीम्स चलाने की मंजूरी, जिसमें वैल्यू-कॉन्ट्रा साथ-साथ यदि ओवरलैप सीमित। सेक्टोरल फंड्स का आधा पोर्टफोलियो यूनिक रखना अनिवार्य। ये कदम निवेश विकल्पों को समृद्ध करेंगे व बाजार को परिपक्व बनाएंगे।