नई रिपोर्ट में भारत के 30 शहरों को औद्योगिक और वेयरहाउसिंग के हाई-पोटेंशियल हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। बुनियादी ढांचे का विस्तार, उत्पादन वृद्धि और नीतिगत सहायता इन्हें उभारेगी। आठ स्थापित बाजारों के साथ 22 नए अवसर कोलियर्स ने खोजे हैं।
मानक हैं—रणनीतिक कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी, मल्टी-मॉडल पार्क, बंदरगाह-हवाई विस्तार और टेक्सटाइल हब। जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग का 17 प्रतिशत हिस्सा 2035 तक 25 प्रतिशत होगा।
कुशल गोदामों की भूख और संस्थागत पूंजी से क्षेत्र फल-फूल रहा। कोलियर्स के एमडी विजय गणेश बोले, गलियारों और पार्कों से अगली लहर आएगी। बजट ने मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी है।
लाइफ साइंसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में 5000 करोड़ प्रति सेक्टर से पुराने बाजार मजबूत होंगे, नए खुलेंगे। भौगोलिक संतुलन से उत्तर-दक्षिण सब लाभान्वित। प्राइम हब 50 मिलियन वर्ग फुट तक मांग बढ़ाएंगे। उभरते हब छलांग लगाएंगे, नवोदित आधार बनाएंगे। भारत की प्रगति अपरिहार्य।