केंद्र सरकार ने जूट किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। 2026-27 विपणन सत्र के लिए कच्चे जूट का एमएसपी 275 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5925 रुपये कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट समिति ने यह फैसला लिया।
इससे अखिल भारतीय उत्पादन लागत पर 61.8 प्रतिशत मुनाफा सुनिश्चित होगा, जो 2018 के बजटीय वादे के अनुरूप है। पिछले सत्र से 275 रुपये अधिक, और 2014-15 के 2400 रुपये से 3525 रुपये की कुल बढ़ोतरी।
2014-25 तक किसानों को 1342 करोड़ मिले, पहले दौर में 441 करोड़ के मुकाबले। जूट निगम खरीद संभालेगा, घाटा सरकार भरेगी।
देश का 99 प्रतिशत जूट पश्चिम बंगाल (80%+), बिहार, असम आदि राज्यों से। अनुकूल मिट्टी-जलवायु यहां वरदान।
यह नीति किसानों को बाजार उतार-चढ़ाव से बचाएगी और जूट उद्योग को नई गति देगी। प्लास्टिक विकल्प के रूप में जूट की मांग बढ़ रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।