भारतीय बाजारों पर मंगलवार को भारी दबाव पड़ा, जब सेंसेक्स 1,068.74 अंक (1.28%) लुढ़ककर 82,225.92 और निफ्टी 288.35 अंक (1.12%) नीचे आकर 25,424.65 पर सेटल हुआ। गिरावट का मुख्य कारण एंथ्रोपिक की कोबोल कोड आधुनिकीकरण वाली नई एआई तकनीक बनी, जिससे आईटी शेयरों में भारी बिकवाली हुई।
कंपनी के क्लाउड टूल से पुराने सॉफ्टवेयर को आसानी से अपडेट करने का दावा किया गया है, जो भारतीय आईटी फर्मों के लिए खतरे की घंटी है। निफ्टी आईटी 4.74 प्रतिशत धसक गया, जो सभी सेक्टरों में सबसे खराब प्रदर्शन रहा।
रियल्टी (-2.54%), सर्विसेज (-1.46%), मीडिया (-1.31%), कंजम्पशन (-0.86%) और इंफ्रा (-0.72%) भी लाल निशान में रहे। इसके विपरीत मेटल (+0.93%), एनर्जी (+0.78%), कमोडिटी (+0.70%), पीएसई (+0.56%) और पीएसयू बैंक (+0.29%) मजबूत बंद हुए।
लार्जकैप की तुलना में मिडकैप 100 सूचकांक 0.32% (59,066.35) और स्मॉलकैप 100 0.55% (16,958.65) की हल्की गिरावट के साथ बेहतर दिखे।
सेंसेक्स में एनटीपीसी, हिंदयूनिलीवर, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, एक्सिस बैंक, सन फार्मा आगे रहे। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, टीसीएस, लार्सन एंड टूब्रो, ट्रेंट, एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे नीचे रहे।
सुदीप शाह, एसबीआई सिक्योरिटीज ने विश्लेषण किया कि निफ्टी 25,328 के निचले स्तर पर पहुंचा और 25,425 पर बंद। सपोर्ट 25,370-25,350, ब्रेकडाउन पर 25,150/24,950 लक्ष्य। तेजी में 25,600-25,650 बाधा।
यह घटना एआई के सॉफ्टवेयर उद्योग पर बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है। आईटी कंपनियों को नवाचार की रफ्तार बढ़ानी होगी ताकि निवेशकों का विश्वास कायम रहे।