डिजिटल खरीदारी का दौर भारत में चरम पर है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट में कहा गया है कि 120-140 अरब डॉलर का मौजूदा ई-कॉमर्स बाजार 2030 तक 280-300 अरब डॉलर का हो जाएगा। यह अनुमान उपभोक्ता आधार के विस्तार पर आधारित है।
हालांकि, पारंपरिक दुकानें 13-14% की गति से बढ़ रही हैं। अब खरीदार मल्टी-चैनल अपनाते हैं—ऑनलाइन सर्च, ऑफलाइन खरीद आम हो गया है।
ऑनलाइन खरीदार 30 करोड़ से बढ़कर 44 करोड़ होंगे, ग्रामीण 30% योगदान देंगे। ई-रिटेल 75-85 अरब डॉलर (16-18%) और ई-सेवा 45-55 अरब (20-22%) पहुंचेगी।
12,000 उपभोक्ताओं के इनपुट से पता चलता है कि स्क्रीन-स्टोर स्विच सहज है। महिलाएं ऑनलाइन की सुरक्षा पसंद करती हैं।
कनिका सांघी का मत: ‘खरीदार लोकतांत्रिक हो रहे हैं, ब्रांडों को सुरक्षित अनुभव देना जरूरी।’
क्विक कॉमर्स 100%+, सोशल 40-45% बढ़ा। ब्रांड राजस्व लक्ष्य 7 वर्षों में हासिल। भारत का ई-कॉमर्स भविष्य उज्ज्वल है।