भारत की उपेक्षित आबादी तक पहुंचने में वॉयस एआई और क्षेत्रीय भाषा इंटरफेस सबसे प्रभावी साबित हो रहे हैं। गुरुवार को जारी ‘इंडियाज एआई इम्पैक्ट स्टार्टअप्स’ रिपोर्ट ने इस प्रवृत्ति को रेखांकित किया। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में लॉन्च हुई यह रिपोर्ट स्टार्टअप्स के भारत-निर्मित मॉडल्स पर फोकस को दर्शाती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के अनुसार, यह भारत के प्रभावकारी एआई परिदृश्य का प्रथम समग्र दस्तावेज है। भारतीय उद्यमी स्थानीय डिजाइन से वैश्विक प्रासंगिकता वाले उपकरण बना रहे हैं। विश्लेषण से प्रयोगपूर्ण इकोसिस्टम का पता चलता है।
इंडियाएआई और कल्पा इम्पैक्ट द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट 110 स्टार्टअप्स व संस्थाओं का विवरण देती है। स्वास्थ्य सेवा से कृषि, शिक्षा, पर्यावरण, वित्त, यातायात और सरकारी सेवाओं तक फैला यह नेटवर्क सामाजिक-आर्थिक बदलाव ला रहा है।
अभिषेक सिंह, मंत्रालय के अपर सचिव व इंडियाएआई केसीईओ ने कहा, “यह संसाधन नीति निर्माताओं को एकीकरण योग्य एआई दिखाता है। निवेशकों को विस्तारशील अवसर प्रदान करता है तथा सभी को सूचित सहयोग का आधार देता है।”
भारत एआई मिशन के आईएएस अधिकारी मोहम्मद सफिरुल्ला ने जोर दिया, “स्टार्टअप्स अब बड़े पैमाने पर प्रभाव डाल रहे हैं। यह प्रकाशन उन क्षेत्रों को चिन्हित करता है जहां पहले से सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। मिशन इसे मजबूत करने को प्रतिबद्ध है।”
वॉयस एआई का यह युग भारत को डिजिटल समावेशन की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।