नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने वाली अहम बैठक आयोजित हुई। वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने वहां नॉर्वे की ट्रेड एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर सेसिली मायर्सेथ और फिशरीज स्टेट सेक्रेटरी इवन ट्रॉनस्टाड सागेबक्केन के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।
मंत्रालय की ओर से एक्स पर पोस्ट के जरिए बैठक के ब्योरे दिए गए। चर्चा का केंद्र हरित तकनीक, रेयर अर्थ मिनरल प्रोसेसिंग, शिपिंग-मैरिटाइम इंडस्ट्री तथा फिशरीज सेक्टर रहा।
भारत-ईएफटीए टीईपीए समझौते के तहत निवेश और तकनीकी साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक हितों को बढ़ावा देगा।
मायर्सेथ ने पीएम मोदी की आगामी नॉर्वे यात्रा के प्रति उत्साह जताया। सागेबक्केन ने भारत की समुद्री विशेषज्ञता को नॉर्वे की नीली अर्थव्यवस्था के लिए कारगर बताया।
मंत्री सीतारमण ने टीईपीए के शीघ्र अमल पर जोर देते हुए कहा कि इससे आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा। निवेश प्रवाह, टेक्नोलॉजी शेयरिंग और नौकरियों में वृद्धि संभव होगी।
विशेषज्ञ इस वार्ता को सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। समुद्री क्षेत्र और सस्टेनेबल टेक में सहयोग से द्विपक्षीय व्यापार फलेगा-फूलेगा, जो वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहायक बनेगा। भारत-नॉर्वे साझेदारी अब नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है।