देश की कर वसूली में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ माह में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.09 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ 22.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो पूर्ववर्ती वर्ष के 21.88 लाख करोड़ से बेहतर है।
रिफंड के 3.34 लाख करोड़ घटाने पर शुद्ध राशि 19.43 लाख करोड़ रह गई, जिसमें 9.40 प्रतिशत की छलांग लगी। पिछली बार शुद्ध 17.76 लाख करोड़ था, रिफंड 4.11 लाख करोड़।
कॉर्पोरेट कर शुद्ध 8.89 लाख करोड़, गैर-कॉरपोरेट 10.03 लाख करोड़, एसटीटी 50,279 करोड़ संग्रहित। अन्य कर शुद्ध 326.38 करोड़।
जीएसटी में भी तेजी: जनवरी सकल 1.93 लाख करोड़ (6.2% अधिक), अप्रैल-जनवरी 18.43 लाख करोड़ (8.3% वृद्धि)। शुद्ध जीएसटी जनवरी में 1.70 लाख करोड़ (7.6%), कुल 15.95 लाख करोड़ (6.8%)।
ये संकेत अर्थचक्र की मजबूती के हैं। डिजिटल化 और अनुपालन से राजस्व बढ़ा, जो बजट लक्ष्यों को सशक्त बनाएगा।