वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में जलमार्गों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि समुद्री बंदरगाहों से दूर राज्यों की लॉजिस्टिक्स लागत कम हो। बजट चर्चा के दौरान उन्होंने इसकी विस्तृत रूपरेखा पेश की।
“जलमार्ग विकसित कर हम गैर-बंदरगाह राज्यों को सशक्त बनाएंगे,” उन्होंने जोर देकर कहा। इससे माल परिवहन सस्ता होगा और आर्थिक एकीकरण मजबूत बनेगा। एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बजट प्रावधान किए गए हैं, जो विकास प्रक्रिया को गति देंगे।
पशुपालन में जिला स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा। कर साझेदारी में राज्यों को 25.44 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे—पिछले वर्ष से इजाफा। पांच मेडिकल हब मेडिकल टूरिज्म से एक लाख रोजगार सृजित करेंगे। टेक्सटाइल-लेदर पार्क नई संभावनाएं खोलेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए केयर सिस्टम में 1.5 लाख ट्रेनी इस वर्ष जुड़ेंगे। सरकार का यह बहुआयामी दृष्टिकोण राष्ट्र निर्माण में नया आयाम जोड़ेगा।