भारतीय निवेश बाजार में सोने और चांदी के ईटीएफ छा गए। एएमएफआई डेटा के मुताबिक, जनवरी में इनका संयुक्त एयूएम 3 लाख करोड़ रुपये को पार कर ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा। पांच महीनों में यह तीन गुना बढ़ा, अगस्त के 1 लाख करोड़ से।
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद निवेश उफान पर रहा। फोलियो संख्या में भारी उछाल: गोल्ड ईटीएफ में 80.34 लाख से 1.14 करोड़, सिल्वर में 11.31 लाख से 47.85 लाख।
जनवरी के निवेश आंकड़े चकित करने वाले – गोल्ड में 24,039 करोड़, सिल्वर में 9,463 करोड़, कुल 33,000 करोड़ से ऊपर। इक्विटी फंड्स (24,029 करोड़) को पीछे छोड़ दिया। दिसंबर में धातुओं में 15,609 करोड़ थे, इक्विटी में 28,055 करोड़।
विशेषज्ञ आर्थिक अनिश्चय को जिम्मेदार ठहराते हैं। सुझाव है – पोर्टफोलियो का 10-15 प्रतिशत कीमती धातुओं में, किस्तों द्वारा। इक्विटी का एयूएम 34.86 लाख करोड़, डेट 18.90 लाख करोड़।
मॉर्निंगस्टार के हिमांशु श्रीवास्तव बोले, ‘वोलेटाइल बाजार में भी प्रवाह बना रहा। नियमित एसआईपी और भारत के बाजार की संभावनाओं ने सहारा दिया।’ लार्ज कैप में तेजी, मिड-स्मॉल में मंदी।
निवेशक अब जोखिम संतुलन पर ध्यान दे रहे हैं, जो बाजार की मजबूती का संकेत है।