ऑटोमोटिव क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के दौर में गोपनीयता का मुद्दा गरमाता जा रहा है। सियाम अध्यक्ष शैलेश चंद्रा, जो टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के भी सीईओ हैं, ने दिल्ली के एक आयोजन में मंगलवार को कहा कि उद्योग को ग्राहक डेटा की गोपनीयता व सुरक्षा का पालन करते हुए ही नई तकनीकों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि ईवी से लेकर आईसीई वाहनों तक डेटा का प्रवाह जबरदस्त है। डैशबोर्ड कैमरों के फीड या इंफोटेनमेंट से लिंक नंबर जैसी जानकारी इकोसिस्टम में फैल जाती है। चंद्रा बोले, “इन निजी जानकारियों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”
चंद्रा ने डेटा हैंडलिंग के लिए तीन आधारभूत नियम बताए। सबसे पहले ग्राहक को पारदर्शी तरीके से बताएं कि क्या डेटा ले रहे हैं और कैसे उपयोग होगा—सहमति अनिवार्य। दूसरा, डेटा को श्रेणीबद्ध करें। तीसरा, प्रबंधन का तरीका—महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखें, बाकी को शीघ्र नष्ट करें।
“सिस्टम डिजाइन में गोपनीयता को प्राथमिकता दें,” उन्होंने सलाह दी। डेटा क्लासिफिकेशन से ही मजबूत सुरक्षा संभव है।
डेटा विवाद के बीच बिक्री में उछाल ने राहत दी। सियाम डेटा के मुताबिक पिछले नवंबर में पैसेंजर वाहन 19% बढ़कर 4.12 लाख, तीन-पहिया 21.3% उछलकर 72 हजार और दो-पहिया 21.2% चढ़कर 19.44 लाख यूनिट बिके।
नीतियां और बाजार उत्साह 2026 तक ग्रोथ बनाए रखेंगे। चंद्रा का जोर इस ओर है कि डेटा नैतिकता के बिना ऑटो उद्योग की प्रगति भ्रम है। उपभोक्ता निजता ही स्थायी सफलता का आधार बनेगी।