केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर पहल को बल मिला है। नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) ने पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अंतर्गत कुल 16.10 लाख करोड़ रुपये के 352 प्रोजेक्ट्स का परीक्षण किया। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में दिए जवाब से यह स्पष्ट किया।
352 में से 201 प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हो चुके हैं और 167 पर जमीन पर काम तेजी से चल रहा है। एनपीजी योजना स्तर पर ही इंटीग्रेटेड प्लानिंग, विभागीय सहयोग, पूरी कनेक्टिविटी चेन और डेटा-ड्रिवन अप्रोच सुनिश्चित करता है। प्रोजेक्ट क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास इसका बोनस है।
राज्यों को इंफ्रा के लिए वित्त मंत्रालय ने 5,000 करोड़ का 50 साल ब्याज रहित लोन दिया। सांख्यिकी मंत्रालय 150 करोड़ से ऊपर के केंद्रीय प्रोजेक्ट्स पर नजर रखे हुए है।
बड़ी परियोजनाओं (500 करोड़+) हेतु पीएमजी ने पांच स्तरीय सॉल्यूशन सिस्टम अपनाया है—साधारण दिक्कतें मंत्रालय सुलझाएं, पेचीदा मामले प्रगति तक जाएं। इससे प्रक्रिया चुस्त हुई, अनावश्यकता घटी और वरिष्ठ अधिकारी मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रहे।
पीएम गति शक्ति-पीएमजी एकीकरण से नियामक बाधाएं पल में दूर हो रही हैं। परिणामस्वरूप प्रोजेक्ट समय पर पूरे हो रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। भारत अब वैश्विक इंफ्रा मानचित्र पर चमक रहा है।