भारत का रोजगार परिदृश्य बेहतर हो रहा है। मंत्रालय के मंगलवार के आंकड़ों से पता चला कि अक्टूबर-दिसंबर में 15+ आयु वर्ग की बेरोजगारी पिछली तिमाही से घटी। ग्रामीण बेरोजगारी 4 प्रतिशत पर स्थिर, पहले 4.4 प्रतिशत से नीचे। शहरी दर 6.7 प्रतिशत रही, जिसमें पुरुषों का सुधार प्रमुख रहा। LFPR 55.8 प्रतिशत पर उभरी।
महिलाओं की भागीदारी में उछाल आया, LFPR 34.9 प्रतिशत पहुंची। WPR 53.1 प्रतिशत हो गया। स्वरोजगार ग्रामीण में 63.2 प्रतिशत और शहरी में 39.7 प्रतिशत। कृषि का दबदबा 58.5 प्रतिशत रहा। यह डेटा मौसमी मजबूती दर्शाता है, आगे स्थायित्व के लिए कौशल विकास जरूरी।