केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी के साथ रविवार को बैठक की। चर्चा का केंद्र बिंदु सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं रहीं। यह भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगी।
एक्स पर पोस्ट करते हुए वैष्णव ने कहा कि मुलाकात सफल रही। उन्होंने तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अमेरिकी भागीदारी पर उत्साह व्यक्त किया।
16-20 फरवरी 2026 को होने वाले इस समिट में 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। 100+ देशों से 500+ स्टार्टअप्स और 500 सत्र होंगे। मंत्रालय इसे ऐतिहासिक एआई आयोजन बता रहा है।
यह समिट प्रभावी एआई के लिए वैश्विक मंच बनेगा। जमीनी स्तर के परिणामों पर फोकस रहेगा। विविध हितधारक इसमें योगदान देंगे।
15-20 राष्ट्रप्रमुख, 50+ मंत्री और 40+ सीईओ की मौजूदगी सुनिश्चित होगी। यह एआई के भविष्य को परिभाषित करेगा।
भारत तेजी से सेमीकंडक्टर हब बन रहा है। सरकारी योजनाओं से बड़े निवेश आ रहे हैं। अमेरिका के साथ साझा प्रयास डिजाइन से निर्माण तक चेन को सशक्त करेंगे।
आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधीकरण जरूरी है। यह बैठक निवेश, तकनीक हस्तांतरण और कौशल विकास को गति देगी। समिट सहयोग का बड़ा अवसर साबित होगा।