मुंबई से बड़ी खबर! आरबीआई ने सूक्ष्म व लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक बिना कोलैटरल के ऋण की सौगात दी है। सोमवार के सर्कुलर में स्पष्ट किया गया कि यह एमएसएमई ऋण निर्देश (संशोधन), 2026 का हिस्सा है।
23 जुलाई 2025 के मुख्य दिशा-निर्देशों में संशोधन के जरिए एमएसई के लिए यह राहत सुनिश्चित की गई। अन्य नियामकीय बदलाव अलग से बताए जाएंगे, लेकिन मूल सुविधा 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि उद्देश्य संपत्ति-कमीग्रस्त उद्यमों को अंतिम छोर तक आसान वित्तीय सहायता पहुंचाना है। इसी दिशा में सरकार ने हाल ही डाक निर्यात को प्रोत्साहन योजनाओं से जोड़ा।
मंत्रालय के बयान में उल्लेख है कि डाक विभाग ने 15 जनवरी 2025 से आरओडीटीईपी व आरओएससीटीएल लाभ चालू किए, जो सीबीआईसी नियमों का पालन करते हैं। छोटे उद्योगों के लिए यह वरदान साबित होगा।
कुल मिलाकर, ये प्रयास एमएसएमई को सशक्त बनाएंगे। निर्यात बढ़ेगा, रोजगार पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छोटे कारोबारियों के सपनों को पंख लगेंगे।