मुंबई। भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली बड़ी सौगात! विदेशी मुद्रा भंडार 30 जनवरी वाली सप्ताह में 14.361 अरब डॉलर उछलकर अब तक के सर्वोच्च स्तर 723.774 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आरबीआई के शुक्रवार के आंकड़े इस उपलब्धि की गवाही देते हैं।
इससे ठीक पहले सप्ताह में 8.053 अरब डॉलर की तेजी के बाद यह निरंतरता बरकरार है। सोने के भावों में रफ्तार ने गोल्ड भंडार को 14.595 अरब डॉलर ऊपर धकेल दिया, जो अब 137.683 अरब डॉलर का है।
फॉरेन करेंसी एसेट्स में 49.3 मिलियन डॉलर की हल्की गिरावट के बावजूद कुल आंकड़ा मजबूत। एसडीआर 21.6 मिलियन डॉलर और रिजर्व ट्रेंच 4.4 मिलियन डॉलर बढ़ी।
ये भंडार रुपये को डॉलर के दबाव से बचाने का हथियार हैं। कमजोर रुपये पर आरबीआई डॉलर बाजार में उतार सकता है, जिससे विनिमय दर संतुलित रहती है।
डॉलर की भारी भरकम आमद—निर्यात, आईटी सर्विसेज और एनआरआई भेजतों से—अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है। इससे विदेशी व्यापार सहज, आयात सस्ता और वैश्विक बाजारों में भारत की हैसियत बढ़ती है। यह रिकॉर्ड स्तर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रखता है।