भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते की मजबूत नींव रख दी है। गुरुवार को नई दिल्ली में एफटीए के संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर हुए, जिसकी घोषणा वाणिज्य मंत्रालय ने की। ये शर्तें समझौते की रूपरेखा, दायरा और कार्यप्रणाली तय करेंगी।
उद्योग भवन में विशेष समारोह के दौरान भारत के अजय भादू और जीसीसी के डॉ. राजा अल मरजूकी ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में पीयूष गोयल, जितिन प्रसाद और राजेश अग्रवाल की उपस्थिति रही।
गोयल ने एफटीए को वैश्विक व्यापार के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिरता लाएगा, संबंधों को प्रगाढ़ करेगा तथा वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा। खाद्य तथा ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।
अल मरजूकी ने सदियों पुराने व्यापार बंधनों को रेखांकित किया। टीओआर को लाभकारी वार्ता का प्रारंभिक बिंदु बताते हुए वैश्विक संकटों के बीच इसकी प्रासंगिकता पर बल दिया।
जीसीसी के साथ व्यापार 178.56 अरब डॉलर (15.42%) तक पहुंचा। निर्यात 56.87 अरब, आयात 121.68 अरब। पांच सालों में 15.3% की चक्रवृद्धि दर। एफटीए पेट्रोलियम, रत्न-आभूषण, आईटी और कृषि उत्पादों के व्यापार को नई गति देगा, दोनों क्षेत्रों के लिए समृद्धि का द्वार खोलेगा।