एनएमडीसी ने लौह अयस्क उत्पादन में तेज रफ्तार पकड़ ली है। वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों में उत्पादन 19 प्रतिशत की छलांग के साथ 42.65 मिलियन टन पर पहुंच गया। इस्पात मंत्रालय ने बुधवार को जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि की।
अप्रैल-दिसंबर में बिक्री भी 9.7 प्रतिशत बढ़कर 39.73 मिलियन टन रही। जनवरी में रिकॉर्ड 5.56 मिलियन टन उत्पादन और 4.79 मिलियन टन बिक्री दर्ज हुई, जो पिछले साल से 9 और 7 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी चमके। राजस्व में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 20,381 करोड़, पीबीटी 5 प्रतिशत अधिक 7,280 करोड़, पीएटी 4 प्रतिशत बढ़कर 5,401 करोड़ और ईबीआईटीडीए 7,666 करोड़ रुपये पर पहुंचा।
झारखंड की टोकीसुद नॉर्थ कोयला खदान का शुभारंभ एनएमडीसी के लिए ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ। ये सफलताएं कंपनी को सालाना लक्ष्यों को पार करने की राह पर ले जा रही हैं।
मंत्रालय ने एनएमडीसी की परिचालन क्षमता, विविधीकरण प्रयासों और पर्यावरण-अनुकूल खनन नीतियों की सराहना की। खनन उद्योग में भारत की इस अग्रणी कंपनी का दबदबा बढ़ता जा रहा है।