लोकसभा में संचार मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। दूरसंचार विभाग का नया एफआरआई सिस्टम वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मोबाइल नंबरों को तुरंत पकड़ लेता है।
रिस्क-बेस्ड यह टूल नंबरों को विभिन्न जोखिम स्तरों में बांटता है, जिससे बैंक और यूपीआई कंपनियां जोखिम वाले खातों पर नजर रख सकें।
परिणामस्वरूप, 1000 करोड़ रुपये से अधिक की फ्रॉड राशि को रोका गया, जिसमें ट्रांजेक्शन ब्लॉकिंग और यूजर नोटिफिकेशन शामिल हैं। यह नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के लिए वरदान है।
दूरसंचार विभाग ने संचार साथी पहल भी लॉन्च की, जो वेब और ऐप पर उपलब्ध है। यहां फ्रॉड रिपोर्टिंग, कनेक्शन चेक, खोए फोन की शिकायत और IMEI जांच संभव है।
इसके आंकड़े गजब के हैं—8.33 लाख मोबाइल बरामद, 2.24 करोड़ ‘नॉट माय नंबर’ कनेक्शन बंद, 39.44 लाख फ्रॉड नंबर ब्लॉक। स्पूफिंग सिस्टम से विदेशी फर्जी कॉल्स में 99% गिरावट। ये कदम देशव्यापी साइबर सुरक्षा मजबूत कर रहे हैं।