संसद को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक समझौते में भारत ने कृषि व दुग्ध क्षेत्रों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा की है। इससे लाखों किसानों का भविष्य सुरक्षित हो गया।
पीएम मोदी के 2025 अमेरिकी दौरे से प्रेरित होकर चली इन वार्ताओं में दोनों पक्षों ने अपने हितों की रक्षा की कोशिश की। गोयल ने जोर देकर कहा, ‘हमारे प्रतिनिधियों ने संवेदनशील क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से सुरक्षित रखा।’
मोदी-ट्रंप की 2 फरवरी 2026 की टेलीफोनिक चर्चा सकारात्मक रही। इसके फलस्वरूप अमेरिका ने भारत के निर्यात पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी किया, जो अन्य देशों की तुलना में लाभकारी है। इससे भारतीय उत्पादों की अमेरिकी मांग बढ़ेगी।
यह डील एमएसएमई, स्टार्टअप्स, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योगपतियों के लिए अवसरों के द्वार खोलेगी। एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का प्रवाह होगा और भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा।
मंत्री ने इसे भारत-अमेरिका साझेदारी का नया अध्याय बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।