संघ बजट के बाद शेयर बाजार की दिशा का अनुमान लगाना हर ट्रेडर का शौक होता है। क्या यह उछाल लाएगा या गिरावट? पिछले 15 वर्षों के आंकड़ों से पता चलता है कि ज्यादातर मामलों में बाजार ने सकारात्मक जवाब दिया है।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि बजट के एक हफ्ते बाद सेंसेक्स 11 बार चढ़ा (औसत 2.10% लाभ), चार बार गिरा (2.05% नुकसान)। निफ्टी ने 12 सफलताएं हासिल कीं (2.04%), तीन असफलताएं (2.65%)।
तीन महीनों में सेंसेक्स के नौ जीत (6.77%) और छह हार (5.28%)। निफ्टी समान—नौ लाभ (7.40%), छह घाटा (5.46%)।
मझोले और छोटे शेयरों ने भी मजबूती दिखाई। सप्ताह भर में निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप 11 बार ऊपर (3.1% व 3.3%), चार नीचे (~3%)।
लंबी अवधि में मिडकैप 10/15 सकारात्मक (8.67% बनाम 7.77%), स्मॉलकैप 7/15 (14.54% लाभ लेकिन 8.77% नुकसान औसत)।
बजट से नीतियां स्पष्ट होती हैं, जो बाजार को गति देती हैं। बड़े सूचकांक स्थिरता देते हैं, छोटे जोखिम-लाभ का संतुलन। इतिहास से सीखें, लेकिन वर्तमान पर नजर रखें—बजट के बाद अवसरों की बौछार हो सकती है।