मुंबई से बड़ी खबर, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार pact ने इतिहास रच दिया है। पूर्व टेक्सटाइल परिषद प्रमुख डॉ. संजीव सरन ने इसे शानदार और ऐतिहासिक बताया। भारत की अटल राजनीतिक स्थिरता, सुव्यवस्थित प्रशासन और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों की मजबूती इसकी नींव हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सौदा बड़े बाजारों के द्वार खोलेगा, प्रतिस्पर्धी टैरिफों का सामना आसान होगा। निवेश, पार्टनरशिप और नौकरियों में भारी उछाल आएगा। कुल मिलाकर लाभदायक और निष्पक्ष deal है।
कपड़ा, परिधान, चमड़े, ज्वेलरी सेक्टर्स मजबूत होंगे। जीरो ड्यूटी एंट्री से निर्यात बढ़ेगा, रोजगार सृजन तेज होगा।
लंबे संघर्ष के बाद 27 जनवरी को संपन्न यह मेगा डील 2007 का परिणाम है, 2013 में ठप्प और 2022 में फिर शुरू। 2 अरब लोगों का बाजार, 25% विश्व जीडीपी कवर। ईयू 99%+ भारतीय सामान पर टैरिफ हटाएगा, भारत 93-96.6% पर।
यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार में मजबूत बनाएगा, स्थिरता और ताकत के दम पर नई विकास गाथा लिखेगा।