वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आर्थिक समीक्षा 2025-26 से शिक्षा में अभूतपूर्व प्रगति का पता चलता है। 14.71 लाख विद्यालयों में 24.69 करोड़ विद्यार्थी, 1.01 करोड़ अध्यापक—विश्व की सबसे बड़ी प्रणाली। जीईआर में सुधार: प्राथमिक 90.9, उच्च प्राथमिक 90.3, माध्यमिक 78.7, उच्च माध्यमिक 58.4 प्रतिशत।
उच्च शिक्षा संस्थान 70,018 तक पहुंचे, नामांकन 4.46 करोड़। 23 आईआईटी, 21 आईआईएम, 20 एम्स, अंतरराष्ट्रीय कैंपस शामिल। 2660 संस्थानों में क्रेडिट बैंक, 4.6 करोड़ आईडी। 153 यूनिवर्सिटी में लचीलापन, विदेशी साझेदारी से ड्यूल डिग्री, 15 कैंपस प्रस्तावित।
कौशल अंतर दूर करने हेतु स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग जरूरी, क्योंकि 92% युवा बिना प्रशिक्षण। पीएमश्री स्कूल, आंगनवाड़ी-स्कूल एकीकरण, भारतीय भाषा पुस्तक योजना से समावेशी शिक्षा। एनईपी से 15 वर्ष स्कूली संरचना, आधारभूत साक्षरता से डिजिटल स्किल तक एकीकृत।
प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस से शिक्षक पूल बढ़ेगा। ये प्रयास जनसांख्यिकीय लाभ को साकार करेंगे, अर्थव्यवस्था को गति देंगे।