वैश्विक संकटों के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था चमक बिखेर रही है, ऐसा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण पर एक्स पोस्ट में कहा। प्रथम अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में 7.4 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि होगी, जो भारत को लगातार चौथा वर्ष सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाएगा।
पीएम मोदी के कुशल मार्गदर्शन में अर्थतंत्र की जड़ें गहरी हुई हैं। चुनौतियों से पार पाते हुए उच्च विकास पथ अपनाया गया है। राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत पर नियंत्रित रखते हुए विकास को गति दी जा रही है।
वित्त वर्ष 22 से पूंजी व्यय 89 प्रतिशत उछला, बजट में 11.21 लाख करोड़ का प्रावधान। कैपेक्स जीडीपी का 3.9 प्रतिशत हो गया, जो पहले 2.7 था। इससे संपत्तियां तैयार हो रही हैं जो अर्थव्यवस्था को बल देंगी।
राजमार्ग नेटवर्क 60 प्रतिशत विस्तारित, 1.46 लाख किमी तक पहुंचा, जिससे लॉजिस्टिक्स बाधाएं घटीं। बैंकिंग में जीएनपीए 2.2 प्रतिशत पर रिकॉर्ड निचला स्तर, मुनाफा 16.9 प्रतिशत अधिक।
‘स्वदेशी’ से ‘रणनीतिक मजबूती’ की ओर बढ़ते हुए विनिर्माण को पंख लगाए जा रहे हैं। सरकारी कदमों से विश्व भारतीय सामान को बिना हिचक अपनाएगा, भारत की प्रगति सुनिश्चित होगी।