चुनावी साल में वोट-ऑन-अकाउंट की बजाय पूरा बजट पेश कर केरल सरकार ने मजबूत इरादा जाहिर किया। वित्त मंत्री बालागोपाल द्वारा प्रस्तुत इस बजट में कल्याणकारी उपायों, स्वास्थ्य बीमा विस्तार और शिक्षा सुधार प्रमुख हैं। छात्रों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों को ध्यान में रखा गया है।
स्कूली छात्रों के लिए दुर्घटना बीमा (15 करोड़ बजट) और आर्ट्स-साइंस में मुफ्त स्नातक शिक्षा जैसे कदम शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। ‘मेडिसिप 2.0’ सरकारी कर्मियों के लिए फरवरी से प्रभावी, जिसमें विस्तृत कवरेज और लाभ। यह योजना पेंशनर्स व अन्य कर्मचारियों तक विस्तारित।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘लाइफ सेवर’ के माध्यम से प्रारंभिक पांच दिनों का मुफ्त उपचार (15 करोड़) जीवन रक्षक साबित होगा। करुण्या से वंचित परिवारों की नई योजना (50 करोड़) स्वास्थ्य पहुंच बढ़ाएगी। आशा वर्कर्स को 1000 रुपये मानदेय वृद्धि से प्रोत्साहन।
धार्मिक अल्पसंख्यक चिंताओं के समाधान में नेटिविटी कार्ड और सद्भाव को 10 करोड़। यह बजट न केवल तात्कालिक राहत देता है बल्कि दीर्घकालिक विकास की नींव रखता है, जो केरल मॉडल को मजबूत बनाएगा।