राज्यसभा के 270वें सत्र की शुरुआत के साथ बजट सत्र ने जोर पकड़ा। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने 30 बैठकों का एजेंडा रखा, जिसमें 2026-27 बजट, विधेयक और विभागीय समीक्षाएं शामिल हैं। समितियां मंत्रालयी अनुदानों पर नजर रखेंगी।
सदस्यों को संबोधित कर राधाकृष्णन ने भारत की आर्थिक प्रगति पर गर्व जताया। देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ रहा है और तीसरे स्थान की ओर कदम बढ़ा रहा। संसद को आर्थिक नीतियों के केंद्र में रहना होगा।
राष्ट्रपति भाषण की रूपरेखा पर अमल का निर्देश दिया। सभी से प्रभावी बहस और निगरानी की मांग की। विधेयकों पर व्यापक विमर्श होगा, जनाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समय का सदुपयोग जरूरी।
लोकतंत्र के लिए शालीनता-अनुशासन अनिवार्य बताया। मतभेद रचनात्मक हों। गांधीजी के शब्दों से अनुशासित लोकतंत्र की ताकत दोहराई। सत्र स्थगित, अगली बैठक 1 फरवरी को। भारत का भविष्य इसी सत्र से मजबूत होगा।