अनिल अंबानी के साम्राज्य पर प्रवर्तन निदेशालय का नया प्रहार। समूह कंपनियों की 1885 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी कुर्क। यस बैंक स्कैम और आरकॉम बैंक फ्रॉड की जांच में यह कदम।
रिलायंस इंफ्रा की पावर और मेट्रो कंपनियों में स्टेक, वैल्यू कॉर्प के फंड्स, अधिकारियों की निजी प्रॉपर्टी जब्त। कुल अटैचमेंट 12,000 करोड़ पार।
आरएचएफएल-आरसीएफएल में यस बैंक का निवेश एनपीए बना। पब्लिक मनी को सर्किटस रूट से म्यूचुअल फंड के जरिए पहुंचाया। सीबीआई एफआईआर पर आधारित जांच में 40 हजार करोड़ कर्ज डिफॉल्ट का खुलासा।
लोन रोलओवर, इनसाइडर पेमेंट्स, इनवेस्टमेंट पार्किंग का खेल। बिल डिस्काउंटिंग से विदेशी हवाला। आगे की कार्रवाई से कॉर्पोरेट जवाबदेही मजबूत होगी।
यह घटना निवेशकों के लिए चेतावनी, रेगुलेटर्स के लिए सबक।