भारत-यूरोपीय संघ एफटीए ने रत्न और आभूषण क्षेत्र में उत्साह भर दिया है। कर विशेषज्ञों के अनुसार, निर्यात 20 प्रतिशत बढ़कर नया रिकॉर्ड गढ़ेगा। सूरत से आई खबरें जोश भर रही हैं।
जगदीश खूंट, सूरत डायमंड एसोसिएशन प्रमुख, बोले- टैक्स में भारी कटौती से यूरोप के द्वार खुल गए। पहले 10 प्रतिशत की दर अब शून्य से तीन प्रतिशत तक सिमट गई। 91,000 करोड़ के निर्यात में उछाल तय है।
दिनेश नावडिया ने कहा कि यह समझौता उद्योग को नई गति देगा। यूरोपीय मांग को भुनाने का सुनहरा मौका है।
डॉ. वैभव गर्ग ने बताया कि पीएम के ‘सबसे बड़ा सौदा’ वाले बयान को चरितार्थ कर रहा एफटीए। मेडिकल उपकरण क्षेत्र को 27 देशों के 50 करोड़ ग्राहक मिलेंगे, जो निर्यात और स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा।
यह महज व्यापारिक करार नहीं, बल्कि समृद्धि का आधार है, जैसा मोदी जी ने कहा। क्षेत्रीय नेता इसे ऐतिहासिक मान रहे हैं।