औद्योगिक मोर्चे पर अच्छी खबर। दिसंबर में भारत का आईआईपी 7.8 प्रतिशत उछला, जो 24 माह के सर्वोच्च स्तर पर है। मैन्युफैक्चरिंग का दमदार प्रदर्शन मुख्य आधार बना।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 23 में से 16 उद्योग समूहों में सकारात्मक वृद्धि हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स 34.9 प्रतिशत, ऑटोमोबाइल 33.5 प्रतिशत, अन्य परिवहन 25.1 प्रतिशत आगे बढ़े।
मेटल्स 12.7 प्रतिशत और फार्मा 10.2 प्रतिशत की छलांग लगाई। खनन व बिजली क्षेत्रों में क्रमशः 6.8 व 6.3 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई।
इंफ्रास्ट्रक्चर सामान 12.1 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 12.3 प्रतिशत बढ़े। प्राइमरी गुड्स 4.4 प्रतिशत ऊपर रहे। वित्तीय वर्ष के पहले नौ माह में कुल वृद्धि 3.9 प्रतिशत रही।
केयरएज की रजनी सिन्हा ने कहा कि कैपेक्स, टैक्स राहत व महंगाई नियंत्रण से मांग मजबूत है। बजट में सरकारी नीतियां और वैश्विक टैरिफ जोखिम तय करेंगे दिशा।
ये आंकड़े निवेश व खपत की मजबूत लय दर्शाते हैं।