सोमवार को बाजार बंद होने के बाद मंगलवार के कारोबार ने सोने-चांदी को चरम पर पहुंचा दिया। चांदी में 26,859 रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 3,44,564 रुपये प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स के आंकड़ों से पता चलता है कि पहले यह 3,17,705 रुपये पर थी।
सोने ने भी कमाल दिखाया—24 कैरेट 1,58,901 रुपये प्रति 10 ग्राम (पहले 1,54,310 रुपये), 22 कैरेट 1,45,553 रुपये (पहले 1,41,348 रुपये) और 18 कैरेट 1,19,176 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एमसीएक्स फ्यूचर्स में सोना 1.54% ऊपर 1,58,440 रुपये और चांदी 8.54% चढ़कर 3,63,299 रुपये पर बंद हुई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 5,114 डॉलर (0.15% नीचे) और चांदी 111 डॉलर प्रति औंस (3.17% गिरावट) रही। विशेषज्ञों ने अमेरिकी टैरिफ विवादों को जिम्मेदार ठहराया, जिससे सुरक्षित संपत्तियों की मांग बढ़ी।
चांदी की कीमतें सोने से तेजी से बढ़ रही हैं क्योंकि इसकी औद्योगिक खपत में इजाफा हो रहा है। सोलर एनर्जी, ईवी बैटरी और गैजेट्स में चांदी का भारी उपयोग हो रहा है, जिससे आपूर्ति कम पड़ रही। यह रैली निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
भारतीय बाजार इस उछाल से चमक रहा है। ज्वेलर्स इन्वेंटरी मैनेज करने में जुटे हैं, जबकि आम आदमी सोच रहा है कि कब खरीदें। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना-चांदी की चमक और बढ़ेगी, ऐसा अनुमान है।