रूस भारत के उभरते क्षेत्रीय विमानन बाजार पर फोकस कर रहा है। विंग्स इंडिया 2026 में इल्यूशिन IL-114-300 और सुपरजेट SJ-100 पेश कर मॉस्को एयरबस-बोइंग की एकाधिकार को तोड़ने को बेताब है।
छोटे शहरों में एयरपोर्ट बूम से 68 सीटर IL-114 की डिमांड बढ़ेगी, जो कठिन रनवे पर उड़ान भरने में माहिर है। 20-35 मिलियन डॉलर कीमत वाले इस टर्बोप्रॉप का मुकाबला ATR और डैश-8 से होगा।
SJ-100 के 87-98 यात्री क्षमता वाले जेट को 30-36 मिलियन डॉलर में एम्ब्रेयर से चुनौती मिलेगी। रूस का मुख्य हथियार है भारत में फैक्ट्रियां लगाना, पार्ट्स सोर्सिंग और मेंटेनेंस सेंटर।
इससे उच्च कुशल रोजगार सृजन होगा और विमान जीवनकाल में ओवरहाल, अपग्रेड से लंबी कमाई। उद्योग जगत इसे भारत के लिए रणनीतिक अवसर बता रहा है।
हैदराबाद शो रूस के भारत प्रवेश का संकेत देगा, जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।