2025 में भारत ने एप्पल को गले लगाया, जब आईफोन शिपमेंट 2024 से 24 प्रतिशत अधिक रही। यह आंकड़ा उपभोक्ताओं की प्रीमियम ब्रांड्स की ओर रुझान को स्पष्ट करता है।
सीएमआर के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आईफोन ने आईपैड को मात दी—24 प्रतिशत विकास बनाम 2 प्रतिशत। प्रभु राम ने टिप्पणी की कि एप्पल की मांग अटल है, और नए आईपैड लॉन्च ने टैबलेट बाजार को संभाला।
आईफोन 16 सीरीज सबसे आगे रही (57%), उसके पीछे आईफोन 15 (24%), आईफोन 17 (10%) और आईफोन 16ई (6%)। साल की अंतिम तिमाही में आईफोन में 3 प्रतिशत गिरावट आई, जबकि आईपैड 95 प्रतिशत उछला।
क्यू4 में आईफोन 16 का 50%, आईफोन 17 का 24%, आईफोन 15 का 17% और आईफोन 16ई का 8% शेयर रहा। आईपैड 11 ने पूरे साल 68% पकड़ा, क्यू4 में 76%। आईपैड एयर 2025 का वार्षिक 21% और क्यू4 में 9%, आईपैड प्रो 2025 का 13%।
एप्पल अब भारत के प्रीमियम सेगमेंट का चेहरा बन चुकी है। स्थानीय विनिर्माण और आकर्षक ऑफर्स से कंपनी का भविष्य उज्ज्वल नजर आता है, जो प्रतिस्पर्धा के बीच भी बढ़त बनाए रखेगी।