केंद्रीय बजट 2026 से ठीक पहले उद्योगपति मैन्युफैक्चरिंग पुनरुद्धार, पीएलआई विस्तार, निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षण की उम्मीदें बांधे हैं। जेटवर्क के सीईओ अमृत आचार्य ने अपनी राय रखी कि ये नीतियां भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकती हैं।
सार्वजनिक कैपेक्स को बढ़ाते रहना जरूरी है। रेल, इंफ्रा और सोलर पर भारी निवेश से मैन्युफैक्चरिंग को ऑर्डर मिलते हैं। सरकार का खरीदारी तंत्र उद्योगों का सहारा है।
इस निवेश ने नौकरियां बढ़ाईं और अर्थतंत्र को गति दी। पीएलआई ने इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य क्षेत्रों में क्रांति लाई। अब निर्यात पर जोर दें—’मेक फॉर वर्ल्ड’ की रणनीति अपनाएं।
चीन की तरह निर्यातकों को जोखिम सुरक्षा दें। पूंजी लागत घटाने से उद्यमिता फलेगी। सरकारी नीतियां स्थिर व उद्योग हितैषी हैं। आईफोन निर्यात में भारत नंबर वन है, पीएलआई 2.0 कंपोनेंट्स को लक्ष्य बनाएगा।
आचार्य की प्रमुख मांगें: कैपेक्स वृद्धि व निर्यात योजनाएं। इससे भारत की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।