शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंत में प्रमुख सूचकांक गहरे लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 0.94 प्रतिशत या 769.67 अंक नीचे आकर 81,537.70 पर तथा निफ्टी 0.95 प्रतिशत या 241.25 अंक गिरकर 25,048.65 पर समाप्त हुआ।
बाजार पर रियल्टी सेक्टर का बोझ सबसे भारी पड़ा, जहां निफ्टी रियल्टी 3.34 प्रतिशत लुढ़का। पीएसयू बैंक 2.27 प्रतिशत, एनर्जी 1.92 प्रतिशत, इंडिया डिफेंस 1.80 प्रतिशत, इन्फ्रा 1.69 प्रतिशत, पीएसई 1.54 प्रतिशत तथा कमोडिटीज 1.38 प्रतिशत टूटे। अधिकांश सेक्टरों में मंदी छाई रही।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, एचयूएल, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, टीसीएस, टाइटन व अल्ट्राटेक सीमेंट ही हरे निशान में रहे। बाकी IndiGo, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, बीईएल, एसबीआई, मारुति, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एलएंडटी, कोटक बैंक, एयरटेल और एमएंडएम जैसे स्टॉक्स ने बाजार को घसीटा।
मिडकैप और स्मॉलकैप भी नहीं बचे। निफ्टी मिडकैप 100 में 1,045.65 अंकों की या 1.80 प्रतिशत की कमी के साथ 57,145.65 तथा स्मॉलकैप 100 में 324.50 अंकों या 1.95 प्रतिशत की गिरावट पर 16,352.75 रहा।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये का ऐतिहासिक निचला स्तर और लगातार एफआईआई बिकवाली ने वैश्विक तेजी व पीएमआई के अच्छे आंकड़ों को फीका कर दिया। निवेशक सतर्क हैं।
आगे फेड की दर नीति और बजट निवेशकों की नजर में होंगे। बाजार की शुरुआत पॉजिटिव रही—सेंसेक्स 82,335 (28 अंक ऊपर) और निफ्टी 25,344 (55 अंक ऊपर)—लेकिन बिकवाली ने इसे उलट दिया।