देश के घाटे वाले बिजली क्षेत्र ने जीवाश्म ईंधनों की भारी निर्भरता के चलते प्रदूषण का सबसे बड़ा केंद्र बनाया है। वायु प्रदूषण में इसका 28 प्रतिशत हिस्सा है, जो पर्यावरण के साथ अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंचा रहा। स्थानीय रिपोर्ट्स ने इस संकट को उजागर किया है।
बीडब्ल्यूजीईडी ने ऊर्जा में ‘न्यायसंगत परिवर्तन’ हेतु 13 बिंदुओं वाला घोषणापत्र पेश किया। वित्तीय बोझ गंभीर है—18.5 अरब डॉलर क्षमता शुल्क, 27.23 अरब डॉलर बीपीडीबी नुकसान, 11.72 अरब डॉलर ईंधन आयात।
सब्सिडी समाप्ति, नए जीवाश्म संयंत्रों पर रोक, रिटायर्ड कर्मचारियों को नई नौकरियां, एलएनजी पर रोक और गैस चोरी पर कार्रवाई की मांग। समयबद्ध रोडमैप, नवीकरणीय के लिए फंडिंग, सोलर पर टैक्स छूट जरूरी।
परिवहन में ईवी पर ड्यूटी कम, बैटरी टैक्स फ्री, सार्वजनिक वाहनों का इलेक्ट्रिकरण। हाशिए के वर्गों—महिलाएं, किसान, युवा—के लिए हरित नौकरियां, ट्रेनिंग, लोन। ऊर्जा प्रोजेक्ट्स से खेती बचाना और सोलर अपनाने के इंसेंटिव।
अगली सरकार के लिए यह दिशा-निर्देश वित्तीय राहत और कम कार्बन भविष्य लाएंगे। इन सुझावों को अपनाना बांग्लादेश की प्रगति के लिए अनिवार्य है।