देश की आर्थिक रीढ़ एमएसएमई क्षेत्र जीडीपी का 30 प्रतिशत हिस्सा जोड़ता है और करोड़ों को नौकरी देता है। किंतु सुलभ वित्त की कमी इसे कमजोर बनाती है। सरकार ने उद्यमिता को मजबूत करने हेतु बहुआयामी लोन स्कीम्स शुरू की हैं, जो बिना झंझट फंडिंग सुनिश्चित करती हैं।
पीएमएमवाई ने 2015 से छोटे कारोबारों को 10 लाख तक का सहारा दिया है—शिशु से तरुण तक। पीएमईजीपी स्वरोजगार को बढ़ावा देता है, जिसमें सब्सिडी सहित भारी लोन उपलब्ध हैं।
सीजीटीएमएसई जमानत रहित 2 करोड़ तक क्रेडिट गारंटी देती है। सीएलसीएसएस तकनीकी बदलाव के लिए सब्सिडी प्रदान करती है। 50 हजार करोड़ का फंड ऑफ फंड्स इक्विटी की पूर्ति करता है।
स्माइल योजना आधुनिक化 में सॉफ्ट लोन देती है, जबकि 59 मिनट वाली डिजिटल स्कीम त्वरित मंजूरी सुनिश्चित करती है।
इनका लाभ उठाकर उद्यमी निजी व्यवसाय खड़ा कर देशहित में योगदान दे सकते हैं। ये योजनाएं सफलता की सीढ़ी हैं।