भारतीय बजट 2026 में पूंजीगत व्यय पर खास जोर होगा, खासकर रक्षा और बुनियादी ढांचे पर। निवेश मंच स्मॉलकेस की रिपोर्ट में 50+ फंड मैनेजर्स के सर्वे से यह स्पष्ट हुआ है। वित्तीय अनुशासन के बीच रक्षा को 40 प्रतिशत ने प्राथमिकता दी।
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन, सैन्य उन्नयन, निर्यात संभावनाएं और स्थिर खर्च इसके कारक हैं। इंफ्रा को 29 प्रतिशत समर्थन, सड़कों-रेलों से विकास को पंख लगेंगे। बाजार बुलिश, निफ्टी 25,000+ पर 82 प्रतिशत का भरोसा, 43 प्रतिशत 25k-27.5k रेंज में।
महंगाई नियंत्रण में 85 प्रतिशत आश्वस्त। मैन्युफैक्चरिंग (18%), खपत-कृषि (7%) को लक्षित सहायता। 80 प्रतिशत बजट के समय अस्थिरता की आशंका जताते हैं, मगर शीघ्र सामान्य化। कॉर्पोरेट टैक्स स्थिर, पर्सनल टैक्स में मामूली सरलीकरण हो सकता है।
शहरी-ग्रामीण मांग के लिए सीमित उपाय, पूंजीगत प्रोत्साहनों पर फोकस। रिपोर्ट निवेशकों के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो भारत की विकास गाथा को मजबूत बनाएगा।