बुधवार को नई दिल्ली से बड़ी खबर आई जब एनएसई की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज ने एफआईडीसी संगठन के साथ एमओयू किया। इसका उद्देश्य एनबीएफसी को गिफ्ट आईएफएससी के माध्यम से पूंजी संग्रह के नए रास्ते उपलब्ध कराना है।
एनबीएफसी की स्व-नियामक संस्था एफआईडीसी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने और नजर रखने का काम करती है। समझौते के तहत एनएसई आईएक्स पर डेट इंस्ट्रूमेंट्स और वित्तीय उत्पादों की लिस्टिंग संभव होगी, जो फंड जुटाने को सुगम बनाएगा। गिफ्ट सिटी का यह अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज एनबीएफसी की लंबी अवधि की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।
साझेदारी नए डेट-इक्विटी विकल्पों तक पहुंच बढ़ाएगी। एनएसई आईएक्स प्रमुख वी. बालासुब्रमणियम के अनुसार, एफआईडीसी का नेटवर्क और उनका प्लेटफॉर्म मिलकर एनबीएफसी को पूंजी, तरलता और विकास के अवसर देगा।
एफआईडीसी के महेश ठक्कर ने कहा कि भारतीय एनबीएफसी के लिए यह ऐतिहासिक कदम है। प्लेटफॉर्म से पूंजी चयन, विदेशी मुद्रा, साधनों और रणनीतियों की आजादी मिलेगी, खासकर वैश्विक बाजार में कदम रखने वालों को। विदेशी कर्ज, ग्लोबल बॉन्ड, स्ट्रक्चर्ड उत्पाद और इक्विटी विकल्प अब खुले हैं।
उन्होंने कहा, फंडिंग की निरंतर मांग वाले एनबीएफसी के लिए यह जरूरी है। पूंजी धन से कहीं अधिक, यह भरोसा है।
एनएसई आईएक्स की शुरुआत 5 जून 2017 को हुई, जो आईएफएससीए प्रमाणित है और 99.7% बाजार पर कब्जा रखता है। डेरिवेटिव्स से लेकर आरईआईटी, इनविट, डेट और ईएसजी बॉन्ड्स तक सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यह गठबंधन एनबीएफसी को सशक्त बनाकर भारत के वित्तीय परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।