तिरहुत रेंज डीआईजी चंदन कुशवाहा ने भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया। वैशाली लालगंज थाने के दारोगा सुमन झा को रिश्वतखोरी व सोना-चांदी गबन के मामलों में सेवा मुक्त कर दिया गया। लगभग 15 लाख नकद व आभूषण चोरी के आरोपों ने उन्हें बर्खास्तगी की मंजिल तक पहुंचा दिया।
मामला मुजफ्फरपुर शिवहरापट्टी से शुरू हुआ। पवन कुमार की शिकायत पर निगरानी टीम ने 4 सितंबर 2024 को 11 हजार की रिश्वत लेते उन्हें गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मुकदमा चला। जेल से जमानत पर रिहा हो वैशाली भेजे गए, लेकिन जांच बरकरार रही।
एसडीपीओ मनोज सिंह की जांच में रिश्वत के आरोप पक्के साबित हुए। जनवरी में लालगंज डकैती छापेमारी के दौरान बरामद खजाने के गबन ने नया मोड़ दिया। दारोगा सहित थानाध्यक्ष व अन्य पर मुकदमा। बाकियों को निलंबन मिला, सुमन पर अलग जांच चली।
मार्च 2026 में डीआईजी आदेश से बर्खास्त। पुलिस महकमे में यह संदेश गया कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं। जनता का विश्वास बहाल करने की यह पहल सराहनीय है। आगे भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों से प्रेरणा मिलेगी।