बिहार के लंबे समय के मुखिया नीतीश कुमार का राज्यसभा गमन बिहार को नया मोड़ देगा। 2025 चुनाव से पहले यह कदम 20 वर्षों के पुनर्निर्माण को अलविदा कहता है, जब राज्य बदहाली से उ바रा।
पहले बिहार में शाम होते ही भय का साया। जातीय हत्याकांड, अपहरण आम। नीतीश ने सड़कें, हवाई संपर्क दिया—दिल्ली से गांव दो दिन, अब मुंबई से पांच घंटे।
विपरीत शक्तियों में सामंजस्य उनकी सबसे बड़ी जीत। बीजेपी संगठन के बावजूद जेडीयू की नीतियां। लालू काल की जाति-खाई भरी, सांप्रदायिकता रोकी।
महिलाओं की आजादी—साइकिल योजना से शिक्षा, बाजारों में उपस्थिति। शराबबंदी से पारिवारिक शांति। ईबीसी आरक्षण, महिलाओं को 50 फीसद कोटा—प्रधान पतियों का अंत।
राजनीतिक कुशलता: 2005 एनडीए, 2013 यूपीए, 2017 वापसी, 2022 महागठबंधन, 2024 एनडीए। 2025 सफलता के बाद संक्रमण। सलाहकारों ने सुशासन बाबू बनाया। अब कांग्रेस को फायदा, आरजेडी से मुक्ति?