पटना से बड़ी खबर आ रही है कि बिहार के लंबे समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा का रास्ता चुन सकते हैं। इससे उनकी कुर्सी खाली होने पर बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। साथ ही, नीतीश के बेटे निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्लान भी बन रहा है। यह एनडीए गठबंधन के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
बिहार से पांच राज्यसभा सांसद चुने जाने हैं, जेडीयू को दो सीटें मिलेंगी। संजय झा के दिल्ली दौर के बाद ये अफवाहें तेज हुईं। जेडीयू विधायकों की बैठक आज होनी है, जहां नेतृत्व पर फैसला संभव है।
नीतीश अगर केंद्र में जाते हैं, तो बीजेपी अपनी संख्या के दम पर सीएम पद हथियाएगी। निशांत की राजनीतिक पारी राज्यसभा से शुरू होने वाली थी, मगर अब वे राज्य स्तर पर डिप्टी बन सकते हैं। यह फैसला गठबंधन की एकजुटता को मजबूत करेगा।
बिहार की सत्ता संरचना में यह परिवर्तन विकास और चुनावी रणनीति को प्रभावित करेगा। नीतीश का अनुभव दिल्ली में काम आएगा, जबकि बीजेपी राज्य में नई ऊर्जा लाएगी। अपडेट्स का इंतजार है, जो राजनीतिक हलचल को और बढ़ाएंगे।