पटना के दीघा में दहेज प्रताड़ना का खौफनाक चेहरा उजागर हुआ। आठ महीने पहले ब्याही आसमा खातून की मौत संदिग्ध बताई जा रही है। ससुरालवालों ने शव दफनाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की, मगर परिजनों के वीडियो सबूत ने पुलिस को जांच के लिए मजबूर कर दिया।
26 फरवरी 2026 को मिले वीडियो में पति तौफीक की पिटाई साफ दिखी। तीन विवाहों का रिकॉर्ड रखने वाले तौफीक को गिरफ्तार किया गया। मामला मामा ऐनुल हक के बयान पर दर्ज। दो दिन बाद शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
यह घटना दहेज के खिलाफ जंग को नई ताकत देती है। समाज को ऐसी कुरीतियों से मुक्ति दिलानी होगी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन सजा सुनिश्चित हो।
आसमा जैसे मामलों से महिलाओं में भय व्याप्त है। कानून को और सशक्त बनाएं, ताकि कोई दुल्हन ऐसी नियति न झेले। जांच पूरी होने का इंतजार।