राज्य विधानमंडल के सत्र के दौरान डीजे वाहनों की समस्या ने जोर पकड़ा। निर्दलीय एमएलसी वंशीधर बृजवासी ने सदन में अवैध डीजे निर्माण पर सवाल दागा। उन्होंने बताया कि डीजे चलाने पर रोक के बावजूद इनकी फैक्ट्री चहुंओर चल रही हैं। वाहनों को इस तरह संशोधित किया जा रहा है कि पहचान मुश्किल हो जाती है।
त्योहारों पर कार्रवाई होती है, लेकिन विवाह जैसे मौकों पर लापरवाही बरती जा रही, जिसका खामियाजा लोगों की जानों से चुका रहे हैं। वीरेंद्र नारायण यादव ने ध्वनि प्रदूषण को गंभीर खतरा करार दिया।
मंत्री श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया में कहा कि कई सदस्यों की चिंता को समझते हुए 15 दिनों में राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा। बिना परमिशन वाली सभी डीजे गाड़ियां जब्त होंगी। सड़क सुरक्षा बैठक में भी इसी पर जोर दिया गया। नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने उत्सवों में डीजे बंद करने की मांग दोहराई। सरकार का यह फैसला आम जनता के लिए राहत की सांस लेकर आ सकता है, जो लंबे समय से शोर शराबे से परेशान हैं।