बिहार के पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की NEET छात्रा की मौत ने सनसनी फैला दी है। सीबीआई की टीम ने जहानाबाद के घर पर सघन छापेमारी की, जहां चौंकाने वाला खुलासा हुआ- पिता व भाई के फोन टूट चुके हैं। मौत के बाद ये फोन रिपेयरिंग पर चले गए, जो जांच में बाधा। आखिरी बातचीत का ब्योरा गायब।
टीम ने छात्रा का सामान- कपड़े, किताबें, कॉपियां, कैंची सील की। परिजनों व ग्रामीणों से लंबी पूछताछ। रोजमर्रा की जिंदगी व संदिग्ध झगड़ों पर फोकस। मोबाइल एंगल सबसे अहम, क्योंकि इससे आखिरी पलों का पता चलेगा।
नई मुसीबत तब बढ़ी जब शुक्रवार को अज्ञात लोग घर में पर्चा 던क गए। पर्चे पर भयानक चेतावनी- ‘अधिक मत बनो, सबको खत्म कर देंगे।’ परिवार को लगता है, पहले पुलिस ने केस घुमाया, अब CBI जांच से डर। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी।
जांच के केंद्र में ये सवाल:
26 जनवरी की रात फोन पर डर क्यों?
27 जनवरी को हॉस्टल विजिट का कारण?
5 जनवरी को हॉस्टल लौटकर बाहर जाना क्यों?
खाना न खाने की वजह?
दोनों फोन टूटने का रहस्य?
राजनीतिक रंग भी गहराया। बजट सत्र में विपक्ष ने सरकार को कोसा। राबड़ी देवी ने छिपकली का इल्जाम लगाया। भारी हंगामे व परिवार के दबाव पर CBI को सौंपा। बिहार की बेटी को इंसाफ दो।