बेगूसराय अदालत ने ट्रिपल मर्डर केस में ऐतिहासिक फैसला दिया है। दोषी विकास सिंह को फांसी हो चुकी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ब्रजेश कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से यह सजा सुनाई। मचहा गांव की यह घटना 2019 की दिवाली रात की है, जब परिवार के तीन सदस्य मारे गए।
विकास ने भाई कुणाल, भाभी कंचन और भतीजी सोनम को गोली से छलनी कर दिया। घर से निकलते ही भतीजे शिवम पर फायरिंग की, जो चमत्कारिक रूप से बच गया। यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। 2012 में चाचा अरुण की हत्या के लिए विकास को आजीवन कारावास मिला। चाची मुन्नी की 2017 हत्या का मुकदमा चल रहा है।
कुणाल इन केसों के अहम गवाह थे। गवाही न देने के दबाव पर उसने इनकार किया, तो बदला लिया। पूरे जिले में दहशत फैल गई थी। पैरवी में गवाहों के बयान, साक्ष्य मजबूत साबित हुए।
यह फैसला न सिर्फ परिवार को न्याय दिलाता है, बल्कि अपराधियों के लिए चेतावनी है। बेगूसराय पहली बार वर्चुअल फांसी सजा का गवाह बना। अपील प्रक्रिया बाकी है, लेकिन न्याय की इस जीत से कानून का डर बढ़ेगा।